हैं फासले जो दरमियाँ -- अहतियात तुम कराते हो ,
"जिरह" पास है कितनी -- एहसास तुम कराते हो ...
बाद तुम्हारे, इंतजामात- ज़िन्दगी करने की, सलाह हमें दे कर
हमसे कहते हो कि " हम " बदल गए ???
बयां जो हम कर पाए , तुम न अब समझते हो ...
लफ़्ज़ों के बिना आँखों की जुबान की अनदेखी कर ,
हमें यूँ चुप देख बोले - " कुछ कहते क्यूँ नहीं "
और हमसे कहते हो कि " हम " बदल गए ???
जो अब तक मन भी इक- दूसरे का भांप लेते थे ,
बंद किवाड़ों की अनसुनी दस्तक हो गए !!!
हम हुक्म के इंतज़ार में थे और तुमने नाफ़रमानी का इलज़ाम भी दे दिया ,
और हमसे कहते हो कि " हम " बदल गए ???
एक सुहानी सफ़र के यादगार रहे , मेरे हमराह , तुम
इस दोराहे पर हमें खुद से दूर कर के , तमाम तनहाईयाँ बक्ष कर ,
हमसे कहते हो खुश रहना सीखो !!!
और फिर हमसे कहते हो कि " हम " बदल गए ???
Not very clear actually who has changed !!! :(
"जिरह" पास है कितनी -- एहसास तुम कराते हो ...
बाद तुम्हारे, इंतजामात- ज़िन्दगी करने की, सलाह हमें दे कर
हमसे कहते हो कि " हम " बदल गए ???
बयां जो हम कर पाए , तुम न अब समझते हो ...
लफ़्ज़ों के बिना आँखों की जुबान की अनदेखी कर ,
हमें यूँ चुप देख बोले - " कुछ कहते क्यूँ नहीं "
और हमसे कहते हो कि " हम " बदल गए ???
जो अब तक मन भी इक- दूसरे का भांप लेते थे ,
बंद किवाड़ों की अनसुनी दस्तक हो गए !!!
हम हुक्म के इंतज़ार में थे और तुमने नाफ़रमानी का इलज़ाम भी दे दिया ,
और हमसे कहते हो कि " हम " बदल गए ???
एक सुहानी सफ़र के यादगार रहे , मेरे हमराह , तुम
इस दोराहे पर हमें खुद से दूर कर के , तमाम तनहाईयाँ बक्ष कर ,
हमसे कहते हो खुश रहना सीखो !!!
और फिर हमसे कहते हो कि " हम " बदल गए ???
Not very clear actually who has changed !!! :(
जो अब तक मन भी इक- दूसरे का भांप लेते थे ,
ReplyDeleteबंद किवाड़ों की अनसुनी दस्तक हो गए !!!
हम हुक्म के इंतज़ार में थे और तुमने नाफ़रमानी का इलज़ाम भी दे दिया!!!
Dictionary mein word khoj raha hu for the appreciation..didnt find any for this.. :) It love the way you phrase...fantabulously fantastic!!!