Friday, 19 July 2013

मेरा धूप का कोना हो तुम

मेरा  धूप  का कोना  हो तुम 


सब अनजान चेहरों में .. 
मेरी  पहचानी हुई .. 
 रंगों वाली  तसवीर हो  तुम .. 



ज़िन्दगी की इस सैर में ..   
कुछ हसीन  सुबहों  की 
यादगार चाय के ..  मुसाफिर हो तुम ..


मेरे बेवक्त ख्याल , 
 बेतुके सवाल
 सभी का -- "पहला  पड़ाव"  हो तुम 


कुछ भीड़ वाली शामों में  .. 
 भागती मोटर वाली सड़कों पर .. 
मेरा हाथ पकड़ कर उस पार  तक ले जाने  वाला साथ  हो तुम .. 


हर भाव  जिसे दिखाया ..  हर किस्सा उसे  सुनाया ..
अब मेरे जीवन की-  इस कहानी का .. 
सूत्रधार हो  तुम  .. 



हाँ ! रिश्तों की इस  निष्ठुर सर्द  रात  में .. 
मेरा अपना .. 
धूप  का कोना हो  तुम .. 

Lots of Love to the God's beautiful Painting - C.H.I.T.R.A .. 

थोड़ी सी अपनी मासूमियत, उधार दे दो 

ये फलक को छू कर भी,

ज़मीं से जुड़े रहने का फ़न , 

मुझे भी मेरे यार दे दो । । kiss emoticon kiss emoticon


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