आगोश में दौड़ के आना तेरा ,
आंसुओं से फिर , दामन भिगाना मेरा ..
हम सोचे - अपना समझ , तूने चुना था मुझे ,
अच्छा ! तो रोने को , मेरा ही कान्धा मिला था तुझे ???
वादे बड़े बड़े थे , ना दूर हम रहेंगे ,
रिश्तों की ये अमावस , कैसे भला सहेंगे !!!
पर्दा उठा भी दो अब, ये रंगमंच दिखेंगे ,
सब था महज़ छलावा , लीला जिसे कहेंगे !!!
अफ़सोस अब है तुमको , अपना कभी था जाना ..
रिश्ता जिसे था समझा , झूठा सा एक फ़साना !!!
संग मेरा ना चाहते थे , ढूंढते थे बस सहारा ..
तो जाओ ! तुम से नहीं कहेंगे , दिल का हाल अब दोबारा !!!
आंसुओं से फिर , दामन भिगाना मेरा ..
हम सोचे - अपना समझ , तूने चुना था मुझे ,
अच्छा ! तो रोने को , मेरा ही कान्धा मिला था तुझे ???
वादे बड़े बड़े थे , ना दूर हम रहेंगे ,
रिश्तों की ये अमावस , कैसे भला सहेंगे !!!
पर्दा उठा भी दो अब, ये रंगमंच दिखेंगे ,
सब था महज़ छलावा , लीला जिसे कहेंगे !!!
अफ़सोस अब है तुमको , अपना कभी था जाना ..
रिश्ता जिसे था समझा , झूठा सा एक फ़साना !!!
संग मेरा ना चाहते थे , ढूंढते थे बस सहारा ..
तो जाओ ! तुम से नहीं कहेंगे , दिल का हाल अब दोबारा !!!
Adhiktar logon ke saath aisa hi hota hai...... bas kabhi hum ye wala role nibhate hain, kabhi vo wala.
ReplyDeletehan .. bt mera side mostly .. yahi rehta hai jo likha hai ...
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