Thursday, 5 July 2012

tera sath hai toh.. mujhe kya kami hai

कभी हम भी डर लेंगे मौत से कभी ,
जब तेरा साथ मुनासिब न होगा

कैसे तोड़ पाएगी मेरे हौसलों को दुनिया ये
कह देती हूँ उनसे  मेरी बुनियाद  "तुमपे" है

बदले हैं हालात कई बार, बदलना आदत इनकी जो है
पर तेरे साथ तो रुख तूफानों  के भी, बदले हमने

कैसे छोड़ दें हम वो जीने  की चाहत
जब तेरा प्यार मुस्तकबिल हर बार, हर पल  है

हमें क्या हराएंगी ये मुश्किलें ज़िन्दगी की
उन्हें है पता मेरी हिम्मत तुझसे है


हो सकती है अलग चमन से खुशबू , बदन से ये रूह,
मेरे दिल से तेरा प्यार अलग होगा ना कभी


                                    -- fazal

  


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